
आगरा।चैम्बर का एक प्रतिनिधिमंडल चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से लखनऊ में मिला। चैम्बर प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी को 6 सूत्रीय प्रतिवेदन सौंपा गया (प्रति संलग्न)। चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी को अवगत कराया गया कि ताज संरक्षित क्षेत्र में उद्योगों के लिये माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जो सीईसी रिपोर्ट पर प्रस्तुत की गयी है पर आपत्ति जातायी गयी उन्होंने कहा कि सीईसी द्वारा विजन डॉक्यूमेंट के संदर्भ मे दाखिल की गयी रिपोर्ट माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में ताज संरक्षित क्षेत्र हेतु पारित किये गये आदेश के संज्ञान न लेते हुए तैयार की गयी है जो कि औचित्यहीन है तथा ताज संरक्षित क्षेत्र के विकास व रोजगार में बाधक है। चैम्बर द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से अनुरोध किया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ताज संरक्षित क्षेत्र हेतु तय किये गये मानकों को ही यथावत् रखे जाये। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मा0 मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध किया गया कि आपके द्वारा डिफेंस कॉरिडोर के लिये घोषणा की गयी है। क्योंकि आगरा में टीटीजेड की बंदिशें होने के कारण कच्चा माल बाहर से मांगाना पड़ता है जिससे उत्पाद की कॉस्ट बढ़ जाती है। इस सम्बन्ध में हमारा सुझाव है कि आगरा में स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित होने से उद्योगों को उत्पाद की लागत में कमी आयेगी और आगरा प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में अपना स्थान बना सकेगा।
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल व उपाध्यक्ष विवेक जैन जी ने बताया कि आगरा की बहुप्रतीक्षित मांग आईटी सिटी की स्थापना हेतु आईटी उद्योग आगरा के लिए एक बहुत ही उपयुक्त उद्योग है क्योंकि आगरा में सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग की कनेक्टिविटी बहुत ही बेहतर है। एनसीआर एवं आई टी सिटी नोएडा के नजदीक है। आगरा में पूर्व से ही एक हवाई अड्डा है और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 30-35 मिनट की दूरी पर है। आगरा में जमीन भी सस्ती दर पर उपलब्ध है और यहां शिक्षा का हब होने के कारण कुशल युवा बड़ी संख्या में सस्ती दर पर उपलब्ध है। आगरा में उपरोक्त के दृष्टिगत आईटी हब स्थापित किया जाना अत्यधिक उपयोगी रहेगा। चैम्बर द्वारा मा0 मुख्यमंत्री महोदय को बताया गया कि यूपीसीडा द्वारा जो शुल्क 1 जनवरी 2025 से लिया जा रहा है वह अप्रशंसिक है। क्योंकि नगर निगम को हम 31 मार्च 2025 तक का कर दे चुके हैं। इसलिए यह तीन माह का शुल्क लेना उद्यमी के साथ अन्याय पूर्ण अतिरिक्त शर है। आगरा नगर निगम द्वारा जो गृह कर के रूप में शुल्क लिया जा रहा था, वह रोड की चौड़ाई खुली हुई भूमि एवं कवर्ड एरिया पर अलग-अलग दर से लिया जा रहा था। उसके साक्षेप में वर्तमान में आगरा में 35 प्रति वर्ग मीटर शुल्क की मांग यूपीसीडा द्वारा की गई है। यह मांग लगभग 70 प्रतिशत उद्यमियों पर नगर निगम द्वारा मांगी जा रही, कर की मांग से लगभग 1.5 डेढ़ गुना से 2 गुना तक अधिक है। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि उद्योगांे के हित में इस शुल्क को पुनः निरीक्षण करते हुए नगर निगम से लिए जा रहे कर से कम शुल्क करने का अनुरोध किया गया।
आगरा के पर्यटन उद्योग के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से सींगना गांव में यमुना तट पर शांता घाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किये जाने, प्राचीन मंदिर, यमुना के किनारे भगवान परशुराम की माताजी रेनुका, महाकवि सूरदास, श्रीकृश्ण भगवान के बाबाश्री शूरसैन की जन्म स्थलियां स्थापित हैं, उन्हें विकसित किये जाने आदि की मांग की गयी।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना गया तथा चैम्बर द्वारा प्रेषित किये गये सभी बिन्दुओं पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वसन दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष संजय कुमार गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, सदस्य राजेन्द्र कुमार अग्रवाल थे।


