
1. कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 में कृषि इनपुट डीलरों के हितों की अनदेखी न हो – संगठन।
2. खराब कीटनाषक दवा विक्रताओं के विरूद्ध कडी कार्यवाही हेतु किया गया अनुरोध।
3. नये कानूनों को पास करने से पूर्व सरकार ध्यान दें व्यापारियों के हित का।
आगरा।चैम्बर सभागार में पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल की अध्यक्षता में कीटनाशक के थोक विक्रेताओ के साथ आ रही समस्याओं के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 को लेकर देशभर के कृषि इनपुट डीलरों में गहरी चिंता व्यक्त की गयी है। उन्होनंे कहा की कि यदि कीटनाशक नये कानूनों को लागू किया गया तो व्यापार करना बहुत ही मुश्किल हो जायेगा। जमीनी स्तर पर किसानों को सेवा देने वाले लाखों ईमानदार डीलरों का मानना है कि यदि विधेयक में कुछ आवश्यक व्यावहारिक सुधार नहीं किए गए, तो इसका सीधा दुष्प्रभाव छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर पड़ेगा।
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि संगठन की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजे गए सुझावों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सीलबंद कीटनाशक उत्पादों की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनियों की होनी चाहिए, न कि केवल वितरण करने वाले डीलरों की। यदि किसी उत्पाद का नमूना प्रयोगशाला परीक्षण में फेल होता है, तो उसके लिए कानूनी दायित्व निर्माता पर ही तय किया जाना चाहिए।
एसोसियेशन के अध्यक्ष सुधीर चोला ने कहा कि नकली एवं घटिया कीटनाशकों की रोकथाम के लिए वेयरहाउस स्तर पर ही सैंपलिंग अनिवार्य की जाए, जिससे खराब उत्पाद बाजार में आने से पहले ही रोके जा सकें और किसानों को नुकसान न हो। साथ ही, अवैध विनिर्माण के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी आवश्यकता बताई गई है।
कीटनाशक एसोसियेषन के कोषाध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि एक्सपायर्ड कीटनाशकों के सुरक्षित निपटान की तकनीकी सुविधा डीलरों के पास नहीं होती, इसलिए कानून में कंपनियों के लिए एक्सपायर्ड स्टॉक की अनिवार्य वापसी एवं सुरक्षित निपटान का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, डीलरों के लिए लाइसेंस हस्तांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने, लाइसेंस में नॉमिनी का प्रावधान जोड़ने, तथा बीज और उर्वरक की तरह यूनिफाइड लाइसेंस सिस्टम लागू करने की मांग भी की गई है।
कीटनाशक एसोसियेशन के महामंत्री किशन सिंह ने कहा कि इन सुझावों को शामिल करने से न केवल किसानों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद मिलेंगे, बल्कि ईमानदार कृषि इनपुट डीलरों को अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक उत्पीड़न से भी राहत मिलेगी। सरकार से अपेक्षा है कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पूर्व इन व्यावहारिक बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बैठक में चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीश अग्रवाल, कीटनाषक एसोसियेषन के अध्यक्ष सुधीर चोला, कोशाध्यक्ष विजय कुमार, महामंत्री किषन सिंह, सन्नी अग्रवाल, सचिव रवि षर्मा, मीडिया प्रभारी सौरभ गुप्ता, आयुश, नरेन्द्र नागवानी, विपुल, कुलदीप गुप्ता आदि उपस्थित थे।


