
अत्याचार का अंत, धर्म की विजय — गूंजा “कंस वध” का जयघोष
त्रयोदश दिवस पर कंस वध लीला का ओजपूर्ण एवं भावनात्मक मंचन
आगरा। श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के त्रयोदश दिवस पर कंस वध लीला का अत्यंत ओजपूर्ण, रोमांचकारी एवं भावनात्मक मंचन किया गया। रविवार को नवीन गल्ला मंडी परिसर में सजे भव्य पंडाल में धर्म की अधर्म पर विजय का यह दिव्य प्रसंग श्रद्धालुओं को रोमांचित कर गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग द्वारा ठाकुर जी एवं स्वरूपों की विधिवत आरती उतार कर हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल, जय प्रकाश अग्रवाल, शंभू नाथ, राज कुमार, सत्य प्रकाश, विक्रांत गोयल, गोपाल गोयल, मीरा रानी, राधा रानी, रेणु गर्ग, राकेश अग्रवाल, नीलेश शाह, जिग्नेश शाह, राहुल गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
लीला में दर्शाया गया कि अत्याचारी कंस ने अपने भय और अहंकारवश मथुरा में अत्याचारों की पराकाष्ठा कर दी थी। देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर, निर्दोष बालकों का वध कर वह स्वयं को अजेय समझने लगा था। किंतु समय आने पर श्रीकृष्ण और बलराम ने मथुरा पहुंचकर कंस के अत्याचारों का अंत किया।
मंच पर धनुष यज्ञ, मल्लयुद्ध तथा अंततः कंस वध का दृश्य अत्यंत प्रभावशाली रहा। जैसे ही श्रीकृष्ण ने कंस को परास्त किया, पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” और “धर्म की जय हो” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कलाकारों के सशक्त अभिनय, संवाद अदायगी, प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन ने वातावरण को जीवंत बना दिया। कंस वध पर भव्य आतिशबाजी मुख्य आकर्षण रही ।
श्री रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट वृंदावन के स्वामी लक्ष्मण महाराज और प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने कहा कि कंस वध लीला हमें यह संदेश देती है कि अन्याय और अत्याचार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न प्रतीत हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। जीवन में साहस, विश्वास और धर्मपरायणता ही वास्तविक शक्ति है।
मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को महारास लीला का मंचन किया जाएगा।
फोटो कैप्शन:
श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के त्रयोदश दिवस कंस वध लीला का ओजपूर्ण मंचन करते कलाकार।


