माधुर्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में, नव वर्ष के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन
*गुजरती जिंदगी ने ये सबक मुझको सिखाया है* *जो तड़पा दर्द में उसने सुकून उतना ही पाया है।* आगरा। माधुर्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में माधुर्य कार्यालय पर नव वर्ष के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं सुना…


