फाग उत्सव के तृतीय दिवस ठाकुर श्याम बिहारी जी संग अबीर-गुलाल की आनंदमयी होली

Spread the love


“उड़त गुलाल लाल भयो बदरा…”

फाग उत्सव के तृतीय दिवस ठाकुर श्याम बिहारी जी संग अबीर-गुलाल की आनंदमयी होली

आगरा। नाई की मंडी स्थित श्री प्रेम निधि जी मंदिर में चल रहे फाग उत्सव के तृतीय दिवस ठाकुर श्याम बिहारी जी के सान्निध्य में भक्तों ने अबीर-गुलाल की होली खेली। “उड़त गुलाल लाल भयो बदरा, ब्रज में आजु खेले श्याम संग होरी…” जैसे पुष्टिमार्गीय पदों की स्वर लहरियों के मध्य संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिरस और माधुर्य भाव से सराबोर हो उठा।
प्रातःकालीन सेवा से ही ठाकुरजी को श्वेत वस्त्रों में अलंकृत कर सुगंधित अबीर-गुलाल अर्पित किया गया। जैसे ही कीर्तन प्रारंभ हुआ, भक्तजन “होरी खेलत नंदलाल बिरज में…” गाते हुए प्रभु के चरणों में रंग समर्पित करने लगे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं ब्रजधाम का आनंद यहां साकार हो उठा हो।
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी और सुनीत गोस्वामी ने बताया कि जगद्गुरु श्रीमद्वल्लभाचार्य महाप्रभु द्वारा प्रणीत पुष्टिमार्ग में होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रभु की नित्य निकुंज लीला में भावपूर्वक सहभागिता है। मंदिर प्रबंधक दिनेश पचौरी ने बताया कि
तृतीय दिवस के इस विशेष उत्सव में कीर्तनकारों द्वारा अष्टछाप कवियों — जैसे सूरदास एवं कुंभनदास — के रचित होरी एवं रसिया पदों का भावपूर्ण गायन किया गया। अबीर-गुलाल की वर्षा के मध्य भक्तजन भक्ति भाव से झूमते रहे। प्रभु के श्री विग्रह पर जब गुलाल की लालिमा छाई, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं श्यामसुंदर अपने भक्तों संग हंसी-ठिठोली करते हुए होली खेल रहे हों।