भारत सरकार ने फर्जी भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के संचालन पर लगाई रोक

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भारत सरकार ने फर्जी भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के संचालन पर लगाई रोक

खेल मंत्रालय के निर्देश से रविकांत चौहान की गतिविधियों पर कड़ा एक्शन

नई दिल्ली / आगरा, दिनांक: 27 फरवरी 2026
भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक घटनाक्रम सामने आया है। भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से संज्ञान लेते हुए उस तथाकथित “भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम” के संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसका संचालन डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव रविकांत चौहान द्वारा किया जा रहा था।
सरकारी स्तर पर प्राप्त जानकारी और शिकायतों की जांच के बाद यह पाया गया कि रविकांत चौहान द्वारा संचालित टीम अधिकृत नहीं थी और इसका संचालन नियमों एवं अधिकार क्षेत्र के विपरीत किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि संबंधित संस्था कर्नाटक सोसायटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत पंजीकृत है, जिसका कार्यक्षेत्र केवल कर्नाटक राज्य तक सीमित है, जबकि इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के नाम से गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
इस संबंध में दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया (DCCBI) द्वारा पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को कई बार चेतावनी और आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके अतिरिक्त, रविकांत चौहान की मूल संस्था फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PCCAI) द्वारा भी उन्हें पद से बर्खास्त किया जा चुका है। डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों द्वारा भी स्पष्ट किया गया कि रविकांत चौहान अब संस्था के सदस्य नहीं रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इस संबंध में माननीय प्रधानमंत्री के शिकायत पोर्टल पर भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित टीम का संचालन अधिकृत नहीं है और इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव श्री हारून रशीद ने इसे सत्य और न्याय की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा,यह दिव्यांग क्रिकेट के हितों की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हमने हमेशा नियमों और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है और आगे भी दिव्यांग खिलाड़ियों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। शिकायतकर्ता हारून रशीद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह लड़ाई अब अपने अंतिम परिणाम तक पहुंचने तक जारी रहेगी और किसी भी परिस्थिति में इसे रोका नहीं जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जीएसटी कमिश्नर कार्यालय द्वारा रविकांत चौहान द्वारा बनाए गए कथित फर्जी बिलों के संबंध में कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है तथा संबंधित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
डॉ भगवान् तलवारे ने बताया, प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पूर्व में की गई शिकायतों पर भी शीघ्र ही कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित प्रकरण में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

इस बीच, भारत सरकार द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण पत्र ने मामले को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पत्र जांच प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आ सकता है, जिससे आरोपित पक्ष के खिलाफ कानूनी स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है।

दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कंचन ने कहा भारत सरकार और खेल मंत्रालय के इस निर्णायक कदम का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इससे भारतीय दिव्यांग क्रिकेट की गरिमा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी।