कावेरी मंदिर में श्री राम कथा के पांचवें दिन सीता-राम विवाह प्रसंग में स्वरूपों की आरती उतारते श्रद्धालु

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“सीय राममय सब जग जानी…” के मधुर गान में सजी सीता-राम विवाह की दिव्य झांकी

आगरा। कावेरी मंदिर कमेटी द्वारा कावेरी कुंज, कमला नगर स्थित कावेरी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित श्री भगवान भैया जी ने ऋषि विश्वामित्र द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को वन ले जाने से लेकर ताड़का वध, पुष्प वाटिका में माता सीता से प्रथम भेंट, स्वयंवर और सीता-राम विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और आनंद में डूबे नजर आए।
व्यास पूजन दैनिक यजमान उमेश अग्रवाल, अजय अग्रवाल और मोहित राठौड़ ने किया।
कथा व्यास ने बताया कि ऋषि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को राक्षसों से यज्ञ की रक्षा हेतु वन में लेकर गए, जहां भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर धर्म की रक्षा की। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि अधर्म और अन्याय का अंत करना ही धर्म का पालन है।
इसके उपरांत पुष्प वाटिका का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण रहा, जहां भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रथम भेंट हुई। इस दिव्य मिलन का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा—“सीय राममय सब जग जानी, करउँ प्रणाम जोरि जुग पानी।” स्वयंवर प्रसंग में भगवान श्रीराम द्वारा भगवान शिव के धनुष को भंग कर माता सीता का वरण करना और उसके बाद सीता-राम विवाह का अलौकिक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। विवाह प्रसंग के दौरान पूरे पंडाल में मंगल गीत और भजनों की गूंज छा गई। सीता राम स्वरूपों की सभी श्रद्धालुओं ने आरती उतारी।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीराम और सीता का विवाह केवल एक वैवाहिक बंधन नहीं, बल्कि आदर्श दांपत्य जीवन, मर्यादा, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जीवन में रिश्तों की नींव विश्वास, त्याग और धर्म पर आधारित होनी चाहिए।
इस अवसर पर कन्हैयालाल अग्रवाल, देवेन्द्र अग्रवाल, आरके श्रोत्रिय, महेश मेघदूत, कन्हैया भटीजा, अतुल बंसल, गिरीश कुमार गुप्ता, राम प्रकाश अग्रवाल, राकेश गर्ग, रोहित केसवानी, अनुराग अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, तुषार आदि उपस्थित रहे।