नींद में दिखने वाला यह संकेत हो सकता है स्ट्रोक का चेतावनी संकेत। डॉ अर्चिता महाजन

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और चंडीगढ़ महाजन सभा अध्यक्ष श्री राम मूर्ति महाजन जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि स्ट्रोक अचानक नहीं आता, बल्कि कई बार उसके शुरुआती संकेत कुछ दिन पहले ही दिखने लगते हैं। इनमें से एक संकेत नींद के दौरान या नींद से जागने पर महसूस हो सकता है। अगर रात में अचानक सांस लेने में परेशानी, शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन, कमजोरी, या असामान्य बेचैनी महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्ट्रोक कभी भी हो सकता है, यहां तक कि सोते समय भी।कई मामलों में लोग इसे थकान, खराब नींद या सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब यह समस्या बार-बार हो, खासकर यदि साथ में चेहरे का टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, चक्कर आना या अचानक दृष्टि धुंधली होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। स्ट्रोक के लिए FAST टेस्ट याद रखना उपयोगी है: Face, Arms, Speech, Time. यानी चेहरा, हाथ, बोलना और समय।स्लीप एपनिया यानी नींद में सांस रुकना भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है। खर्राटे, बार-बार जागना, या सुबह भारी सिर के साथ उठना इस समस्या के संकेत हो सकते हैं। यदि ऐसा हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय रहते पहचान और इलाज से ब्रेन डैमेज को कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर नींद में या नींद से उठने के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखे, तो उसे “सिर्फ नींद की परेशानी” मानकर न टालें। एक दिन पहले पहचान भी जीवन बचा सकती है। स्ट्रोक में हर मिनट कीमती होता है, इसलिए तुरंत मेडिकल मदद लेना ही सबसे सही कदम है।


