1. पहले बुनियादी सुविधा दे रेलवे फिर बंद किया जाये जमुनाब्रिज मालगोदम पर सीमेंट की रैंक।
2. जमुनाब्रिज मालगोदाम पर अचानक सीमेंन्ट की रैक के प्लेसमेंट पर लगी रोक पर व्यापारियों में रोष।
3. कीठम रेलेव स्टेशन है स्वागत योग्य कदम परन्तु अन्य मालगोदाम पर पर्याप्त संसाधान विकसित किये जाने की गयी मांग।
4. वर्षा ऋतु से पूर्व कवर्ड शेड ऐरिया का निर्माण कराये जाने पर दिया जोर।
5. माननीय प्रधानमंत्री जी के तेल बचाओ अभियान को अनदेख किया रेलवे ने।
6. मूलभूत सुविधाएं विकसित होने तक जमुनाब्रिज मालगोदाम पर पुनः सीमेन्ट रैकों के प्लेसमेंट करने के आदेश की चैम्बर ने की मांग।
7. चैम्बर अध्यक्ष द्वारा मंडल रेल प्रबंधक से फोन पर की गयी वार्ता एवं मंडल रेल प्रबंधक ने दिया चैम्बर के साथ शीघ्र बैठक बुलाने का आश्वासन।
8. रेलवे संबंधी समस्याओं के बारे मेे जिलाधिकारी आगरा को अवगत करायेगा चैम्बर।

आगरा। चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में जमुनाब्रिज मालगोदाम पर सीमेंट की रेकों के प्लेसमेंट पर लगी रोक के संबंध में एक प्रैसवार्ता का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि जमुनाब्रिज मालगोदाम पर रैक लगाने के लिये पाँच लाइनें उपलब्ध हैं जिनमें से दो लाइनों पर आरडबल्यूसी के वेयरहाउस स्थापित हैं जिनमें माल आयातकर्ता अपनी रैकों का माल अनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। जबसे जमुनाब्रिज मालगोदाम पर सीमेन्ट रैकोें के प्लेसमेंट पर रोक लगने से व्यापारियों को पर्याप्त असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चैम्बर द्वारा इस समस्या के निस्तारण हेतु मंडल रेल प्रबंधक, आगरा, महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज एवं माननीय रेलवे मंत्री भारत सरकार को भी पत्र भेजा गया है। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक से फोन पर वार्ता की गयी जिसमें मंडल रेल प्रबंधक द्वारा चैम्बर के साथ शीघ्र बैठक करने का आश्वासन दिया गया।
रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन. अग्रवाल ने कहा कि सीमेन्ट जैसा कन्साइनमेंट ठंडी हवा के सम्पर्क में आने से ही उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है इसलिये आयातित सीमेन्ट रैकों के प्लेसमेंट वाले मालगोदामों पर कवर्ड शेड का होना अति आवश्यक है। वर्षा ऋतु प्रारम्भ होने जा रही है। वर्तमान में सीमेन्ट की रैकें कुबेरपुर मालगोदाम पर स्थित दोनो लाइनों में से किसी भी लाइन पर कवर्ड शेड निर्मित नहीं होने के कारण सीमेन्ट की रैकों के प्लेसमेंट के लिये उपयुक्त नहीं है।
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि रेलवे द्वारा कीठम रेलवे स्टेषन स्वागत योग्य कदम है परन्तु वहाँ पर मूलभूत सुविधाओं का पर्याप्त अभाव होने के कारण सीमेन्ट की रैक के प्लेसमेंट में असुविधा हो रही है। आगरा में सीमेन्ट की औसतन तीन से पाँच रैक प्रतिदिन आती है। जमुनाब्रिज मालगोदाम पर प्लेस किये जाने के लिये पर्याप्त लाइनें हैं परन्तु इन दिनों जमुनाब्रिज गुड्स शेड बंद कर देने के पश्चात् समस्त इंडेन्ट कुबेरपुर गुड्स शेड पर दबाव बढ़ जाने की सूरत में रेल्वे विभाग द्वारा एक माह में ही सीमेन्ट रैकों के इंडेन्ट पर बार-बार रोक लगाना पड़ रहा है परिस्थितिवश माह में सीमेन्ट रैक आयातकर्ताओं को रैक इन्डेन्ट करने के लिये मात्र पाँच दिन ही उपलब्ध हो रहे हैं तो केवल पाँच दिन के लोड सीमेन्ट में पूरे माह की आपूर्ति संभव नहीं है। कुबेरपुर गुड्स शेड पर रैक खाली करने में दो-तीन दिन का वक्त लगने के कारण, रैकों का डिटेंशन बढ़ गया है। सीमेन्ट रैक आयातकर्ता अनावश्यक उत्पीड़ित हो रहे हैं। चैम्बर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि रेलवे संबंधी समस्याओं के निस्तारण हेतु चैम्बर शीघ्र ही जिलाधिकारी आगरा से भेंट कर समस्या का निस्तारण करायेगा।
प्रैस वार्ता में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में आगरा सीमेन्ट व्यवसाय में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ से प्रदेश में सीमेन्ट की आपूर्ति नेपाल बार्डर तक की जाती है। इस दौरान पूरे माह में पूर्व माह के अनुपात में 25 प्रतिशत् माल का आयात भी रेल मार्ग द्वारा नहीं हुआ जिसके कारण विवश होकर कम्पनियों द्वारा आसपास स्थापित प्लंाटों – एटा/अलीगढ़ से सड़क द्वारा माल मंगवाना पड़ रहा है जिससे रेल्वे के राजस्व में करोड़ों रूपये की कमी हुई है। साथ ही माननीय प्रधानमंत्रीजी की तेल बचाओ और अधिक से अधिक रेल का प्रयोग को भी नजर अंदाज किया गया है। रेल्वे द्वारा आगरा में रैकों से आयातित सीमेन्ट का वाल्यूम को ध्यान में रखते हुये वैकल्पिक व्यवस्था करने के उपरान्त जमुनाब्रिज साइडिंग पर सीमेन्ट रैकों के प्लेसमेंट पर रोक लगाया जाना चाहिये था मगर रेल्वे ने अपने हठधर्मिता से आगरा क्षेत्र के सीमेन्ट व्यवसाय को अवरूद्ध किया है।
प्रैस वार्ता में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, रेलवे प्रकोष्ठ के चेयरमैन एस.एन अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, सदस्य मनोज कुमार गुप्ता, रवि अग्रवाल, राजीव कुमार, सुरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अनिल वार्ष्णेय, दिलीप कुमार, मुकेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, नितीन अग्रवाल आदि उपस्थित थे।


