ब्राह्मण समन्वय संवाद भाग २ कार्यक्रम का आगरा में भव्य आयोजन

आगरा। सेवा सदन, श्याम नगर, रामबाग पर ब्राह्मण समन्वय संवाद–2 कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण संगठनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत संयोजक सुरेश शर्मा और अध्यक्ष अजय शर्मा ने किया ।
वक्ताओं के रूप मे महेश शर्मा, लेखिका भावना वरदान शर्मा,राजेंद्र शास्त्री,सोनम शर्मा ,राजकुमार शर्माउपस्थित रहे ।
कार्यकम का सचालन अजय शर्मा ने किया ।
कार्यक्रम का उद्देश्य ब्राह्मण समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर • चिंतन • संवाद और संकल्प था ।
भागना वरदान शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा ना तो ब्राह्मणों की इस देश में कोई अपनी पार्टी है और ना ही ब्राह्मण के लिए कोई संवैधानिक आयोग है ।
आज ब्राह्मण राजनीतिक और संवैधानिक दोनों रूप से पिछड़ा है ।इसलिए समय की मांग है
ब्राह्मण समाज अपनी एक राजनीतिक पार्टी बनाए और ब्राह्मण आयोग बनाने की मांग करें। हमारी
कुछ प्रमुख मांगें हैं ब्राह्मण सरंक्षण एक्ट सवर्ण/ब्राह्मण आयोग का गठन,
ब्राह्मण विद्यार्थी को छात्रवृत्ति,मंदिर विप्र पुजारी भत्ता , UGC, RollBack
ब्राह्मणों के लिए वास्तव में चिंतित हैं, तो ब्राह्मण आयोग बनवाएं,बिल्कुल ScSt Act के तर्ज पर। मंदिरों की संपत्ति सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाएं, UGC Rollback, EWS सरलीकरण, गौहत्या प्रतिबंध कानून।
इस समय देश में इसकी सख्त ज़रूरत है।सबसे ज्यादा वोट देकर भी खुद को लुटापिटा ठगा सा महसूस करने वाला ब्राह्मण है । देश हित में आपका तन-मन-धन से साथ देने वाला ब्राह्मण है।
देश में सर्वाधिक भेदभाव ब्राह्मणों के साथ हो रहा है, सर्वाधिक गालिया ब्राह्मण खा रहा है, तो ब्राह्मणों को सबसे अधिक आरक्षण की आवश्यकता है।
संयोजक सुरेश शर्मा ने कहा यह कार्यकम किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का है। कई बार हम अपने ही लोगों को इसलिए आगे नहीं आने देते कि कहीं वह हमसे आगे न निकल जाए। याद रखिए—समाज में किसी एक का आगे बढ़ना किसी दूसरे की हार नहीं है।ब्राह्मण सावन में संवाद–2 में न कोई बड़ा होगा, न छोटा है। न कोई किसी का समर्थक होगा, न विरोधी।जो समाज के लिए सोचता है, उसकी बात सुनी जाएगी। जो काम करना चाहता है, उसे अवसर मिलेगा।

हमारा उद्देश्य किसी को नेता बनाना नहीं, बल्कि हर योग्य व्यक्ति को नेतृत्व का अवसर देना है।
इसलिए केवल भीड़ का हिस्सा बनकर मत आइए।अपनी बात कहने, दूसरों की बात सुनने और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लीजिए । जो व्यक्ति अपने साथ दस लोगों को जोड़ता है, वह नेता हो सकता है;

लेकिन जो दस लोगों को आगे बढ़ाता है, वही समाज का सच्चा नेतृत्व करता है। अपने लिए नहीं, अपने समाज के भविष्य के लिए मैं भी जुड़ूँगा — समाज को जोड़ूँगा का संकल्प लीजिये ब्राह्मण समाज मेंसंगठित होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मधु शर्मा , शैलेंद्र शर्मा , आर पी शर्मा,राजबहादुर शर्मा, कवि रामवीर शर्मा जी आदि उपस्थित रहे ।


