नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन

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हिंदी राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने योग्य भाषा है : डॉ. मुनीश्वर गुप्ता

 

नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन

आगरा। नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा की ओर से हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, देवनागरी लिपि के महत्व तथा भारतीय भाषाओं के संरक्षण पर विचार-विमर्श किया गया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं हिंदीसेवी डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि भारतीय भाषाओं में केवल हिंदी ही एक ऐसी भाषा है, जिसे राष्ट्रभाषा के रूप में अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग देश के अधिकांश लोगों द्वारा किया जाता है। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए इसके प्रचार-प्रसार और प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।

 

हिंदी दिवस के अवसर पर ‘प्रो. सुरेश चंद्र शर्मा, नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा पुरस्कार’ से हिंदी विभागाध्यक्ष, आगरा कॉलेज, आगरा के डॉ. सुनील रानी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी की संभावनाओं के दोहन की आवश्यकता है। इसके लिए हिंदी भाषियों की प्रतिबद्धता तथा विशेष रूप से युवाओं के प्रयास जरूरी हैं।

 

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं सभा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कमलेश नागर ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी विश्व की लोकप्रिय भाषाओं में शामिल है। हिंदी के विकास और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

 

सभा के उपाध्यक्ष एवं आगरा कॉलेज, आगरा के पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार माहेश्वरी ने देवनागरी लिपि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देवनागरी एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित लिपि है। इसमें हिंदी, संस्कृत, मराठी, नेपाली, कोंकणी और भोजपुरी जैसी अनेक भाषाएं लिखी जाती हैं।

 

इस अवसर पर केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के हिंदीतर प्रदेशों के शिक्षकों का सम्मान किया गया। संस्थान के शिक्षकों ने हिंदी के प्रति अपने विचार व्यक्त किए और हिंदी के विकास में नागरी प्रचारिणी सभा के योगदान की सराहना की।

 

कार्यक्रम में हिंदी भाषा एवं साहित्य से जुड़े अनेक विद्वान, शिक्षक, साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।