हनुमान अंश’ की स्टारकास्ट पहुंची जिला जेल, कैदियों संग किया राम नाम का संकीर्तन

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‘हनुमान अंश’ की स्टारकास्ट पहुंची जिला जेल, कैदियों संग किया राम नाम का संकीर्तन

कलाकारों ने साझा किए फिल्म निर्माण के अनुभव

‘पार्वती’ गीत से गूंजा जेल परिसर, कैदियों के लिए विशेष स्क्रीनिंग की मांगी अनुमति

आगरा। नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक विचारों और राम नाम के संदेश से प्रेरित चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्टारकास्ट गुरुवार को जिला जेल, आगरा पहुंची। फिल्म कलाकारों ने जेल में निरुद्ध कैदियों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें आत्मचिंतन, सकारात्मक परिवर्तन तथा राम नाम से जुड़कर जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में फिल्म के विशाल चतुर्वेदी, शोभिनव सत्या, पूर्णिमा तिवारी, ऋषि पाठक तथा संगीतकार एवं गायक साधु तिवारी सहित फिल्म की टीम के अन्य सदस्य शामिल हुए। कलाकारों ने कैदियों से फिल्म निर्माण, किरदारों की तैयारी, शूटिंग के अनुभव और फिल्म के पीछे निहित आध्यात्मिक संदेश को साझा किया।

राम नाम के संकीर्तन से गूंजा जेल परिसर

कार्यक्रम में संगीत और भक्ति का विशेष संगम देखने को मिला। संगीतकार एवं गायक साधु तिवारी ने फिल्म का चर्चित ‘पार्वती’ गीत प्रस्तुत किया। वहीं ऋषि पाठक ने राम नाम से जुड़ी संगीतमय प्रस्तुति दी। फिल्म की टीम के साथ जेल में निरुद्ध कैदियों ने भी राम नाम के जाप और संकीर्तन में सहभागिता की। कुछ समय के लिए पूरा जेल परिसर राम नाम और भक्ति के स्वरों से गूंज उठा।

संयुक्त प्रयासों से साकार हुआ विशेष आयोजन

इस विशेष आयोजन को साकार करने में स्वामी आनंद अग्रवाल, राजदीप सिंह, आशीष शर्मा एवं सुबोध गर्ग की प्रमुख भूमिका रही, जिन्होंने कार्यक्रम की परिकल्पना से लेकर फिल्म की टीम और जिला जेल प्रशासन के बीच समन्वय, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा आयोजन के संचालन तक की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से संभाली। प्रमुख उद्यमी पूरन डाबर के मार्गदर्शन एवं सहयोग तथा हरिओम शर्मा और जिला जेल प्रशासन के पूर्ण सहयोग से इस पहल को मूर्त रूप दिया गया। सभी के संयुक्त प्रयासों से फिल्म की स्टारकास्ट और कैदियों के बीच यह विशेष आध्यात्मिक संवाद संभव हुआ।

फिल्म को टैक्स फ्री कराने का प्रस्ताव

फिल्म के सामाजिक एवं आध्यात्मिक संदेश को देखते हुए ‘हनुमान अंश’ को उत्तर प्रदेश में टैक्स-फ्री किए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध करने का प्रस्ताव भी रखा गया। साथ ही आगरा जिला जेल में निरुद्ध कैदियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने की अनुमति मांगी गई है।

कार्यक्रम का समापन राम नाम, भजन और जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकल्प के साथ हुआ।