जापान एवं जर्मन तकनीक से निर्मित 3डी प्रिन्टेड नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट शिविर 31 मई को आगरा में

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जापान एवं जर्मन तकनीक से निर्मित 3डी प्रिन्टेड नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट शिविर 31 मई को आगरा में

– 295 दिव्यांगजन को 371 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स वितरित किए जाएंगे

आगरा, 29 मई। दिव्यांगजनों और मानव सेवा के लिए समर्पित उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में रविवार 31 मई को आगरा में जापान एवं जर्मन तकनीक से निर्मित 3डी प्रिन्टेड नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट शिविर एवं भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।

यह शिविर त्रिवेणी ग्रीन्स, जे पी होटल के पास, फतेहाबाद रोड, आगरा,उत्तर प्रदेश में प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक आयोजित होगा। शिविर का उद्घाटन प्रातः 11 बजे होगा। जिसमें केवल पूर्व चयनित दिव्यांगजन ही लाभान्वित होंगे।

इस अवसर पर 152 दिव्यांगजनों को 157 नारायण मॉड्यूलर लिम्ब व 143 के 214 कैलिपर्स का फिटमेंट एवं सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इन सभी लाभार्थियों का चयन संस्थान द्वारा 8 मार्च को आयोजित निःशुल्क नारायण लिम्ब मेजरमेंट कैंप में किया गया था। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजन निःशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर और कैलिपर प्राप्त कर नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ाएंगे।

आगरा आश्रम प्रभारी राजमल शर्मा ने कहा – “नारायण सेवा संस्थान का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कृत्रिम अंगों के माध्यम से ऐसे लोग जो किसी दुर्घटना, बीमारी या जन्मजात दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे उन्हें संस्थान के सहयोग से अब फिर से अपने पैरों पर खड़ाकर सम्मानजनक जीवन दिया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं तकनीकी टीम द्वारा दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीक से निर्मित नारायण मॉड्यूलर लिम्ब फिट किए जाएंगे। साथ ही लाभार्थियों को चलने, संतुलन बनाने और दैनिक जीवन में इन उपकरणों के सही उपयोग की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जिससे आत्मविश्वास और स्थायित्व के साथ उनका भावी जीवन सुगम और आत्मनिर्भर बन सकेगा।

संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल का मानना है कि – दिव्यांगजनों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए आगरा जैसे महानगर में ऐसे शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजन इस मानवीय सेवा से लाभान्वित होकर सशक्त समाज का हिस्सा बनें।

शिविर में समाजसेवियों और दानदाताओं का अभिनंदन भी किया जाएगा। इस मानवीय पहल में सहयोग देकर सैकड़ों दिव्यांगों के जीवन में नई रोशनी भरने का कार्य प्रेरणादायी है। अग्रवाल ने कहा – शिविर में आने वाले सभी दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन, बैठने की व्यवस्था एवं प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेगी।

यह शिविर केवल कृत्रिम अंग वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि उन टूटे हुए सपनों को फिर से संजीवनी देने का प्रयास है जहाँ दिव्यांगजन आत्मसम्मान और गरिमा के साथ अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन जी सकें। जो कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के भाव से सच्ची मानव सेवा का उदाहरण बन रहा है।

उल्लेखनीय है कि नारायण सेवा संस्थान वर्ष 1985 से निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में कार्यरत है। संस्थान के संस्थापक श्री कैलाश मानव को उनकी अद्वितीय सेवा भावना के लिए राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया है। वहीं संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अब तक संस्थान द्वारा देश-विदेश में 39,591 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किए जा चुके है। तथा 4.52 लाख दिव्यांगजनों की निःशुल्क चिकित्सा की गई है।