
ब्रह्म ऋषि लीलाशाह जी की रथयात्रा कल
संत शिरोमणी योगीराज साईं लीलाशाह के 146वें जन्मोत्सव पर रथयात्रा, हवन, गौवंश का भंडारे का होगा आयोजन
आगरा। साईं जी की कर्मभूमि व तीर्थ स्थल पर कल हर भक्त का मन उत्सव के आनंद में डूबा होगा। संत शिरोमणी ब्रह्मनिष्ठ योगीराज सांई लीलाशाह जी का जन्मोत्सव पर्व 13 मार्च को हर्षोल्लास व श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण गौशाला, न्यू शाहगंज में आयोजित महोत्सव में 13 मार्च को शाम 6.30 बजे भव्य रथयात्रा का आयोजन होगा। सैकड़ों श्रद्धालु सांई जी की पावन कुटिया के दर्शन करेंगे। यह जानकारी न्यू शाहगंज स्थित श्रीकृष्ण गौशाला कमेटी के अध्यक्ष गिरधारीलाल भगत्यानी ने दी।
बताया कि 13 मार्च को साईं लीलाशाह जी की रथयात्रा शाम 6.30 बजे श्रीकृष्ण गौशाला से प्रारम्भ होकर शाहगंज क्षेत्र (गौशाला से प्रारम्भ होकर लाड़ली कटरा, सोरों कटरा, शाहगंज चौराहा, रुई की मंडी, जोगीपाड़ा, भोगीपुरा, सीओडी तिराहा, साकेत कॉलोनी चौराहे से होती हुई श्रीकृष्ण गौशाला पहुंचेगी) में भ्रमण करेगी। जगह-जगह रथयात्रा का पुष्पों से स्वागत किया जाएगा। इससे पूर्व प्रातः 8.30 बजे सत्गुरु जी का दुग्धाभिषेक, 9.30 बजे हवन व 10 बजे भजन कीर्तन व गौवंश का भंडारा होगा। दोपहर 12 बजे सभी भक्तों के लिए प्रसाद व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
सिंध प्रांत के हैदराबाद जिले के महराव चाँडिये गाँव में प्रातः स्मरणीय ब्रह्मऋषि योगी राज जी का जन्म ब्रहमक्षत्रिय कुल में 23 फागुन 1937 (सन 1880 ई.) में हुआ था । उनका नाम लीलाराम रखा गया। स्वामी जी को पूर्व संस्कारों से बचपन से ही ईश्वर प्रेम की लगन थी।
बताया कि उनके गुरु स्वामी केशवानंद जी महाराज ने उनसे कहा, कि तू आध्यातिमक मार्ग पर आगे बढ़ चुका है, अत: तेरा नाम लीलाराम नहीं, लीलाशाह रखते हैं। सांई लीलाशाह जी अपने सत्संग में जय राम जी की बार बार कहलवाते थे। वह प्रतिदिन कई मील टहलते थे तथा आसन व योग की क्रियाएँ भी करवाते थे। वे हमेशा अपने प्रवचनों की समाप्ति पर भक्तजनों से प्रार्थना करवाते थे कि “हे भगवान हम सबको सुबुद्धि दो, शक्ति दो निरोगता दो , कि अपना-अपना कर्तव्य पाले और सुखी रहे। साँई जी अब शारीरिक रूप से इस संसार में नही रहें, लेकिन उनका नाम इस संसार में सदैव अमर रहेगा। देश-विदेश, व अन्य सभी स्वामी जी के स्थानों पर उनका जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसी कड़ी में उनके द्वारा स्थापित श्री कृष्ण गौशाला आगरा में भी उनका जन्मोत्सव 13 मार्च को श्रद्धापूर्वक आगरामें हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन


