
प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले के आमंत्रण पत्र का हुआ विमोचन, 21-22 मार्च को सजेगा भव्य दो दिवसीय आयोजन
ईसर गौरा के 32 जोड़े सजाए जाएंगे, स्थानीय उत्पादों की लगेंगी सैकड़ों स्टॉल, 22 को शोभायात्रा के बाद होगा भस्मासुर का दहन
आगरा। श्री गणगौर मेला कमेटी द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्राचीन गोकुलपुरा गणगौर मेले के आमंत्रण पत्र का विमोचन पंचकुइयां स्थित न्यू माथुर वैश्य सेवा सदन में में किया गया। इस अवसर पर मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने आगामी 21 और 22 मार्च को आयोजित होने वाले दो दिवसीय प्राचीन गणगौर मेले की तैयारियों और इसकी ऐतिहासिक परंपरा की जानकारी दी।
बुधवार को हुए आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह में अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि गणगौर दरवाजा, गोकुलपुरा में आयोजित होने वाला यह मेला अत्यंत प्राचीन परंपरा से जुड़ा हुआ है। मां पार्वती और भगवान शंकर को समर्पित यह मेला हर वर्ष चैत्र मास में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र की तृतीया और चतुर्थी के अवसर पर 21 एवं 22 मार्च को यह दो दिवसीय मेला आयोजित होगा। 21 मार्च को शाम 7:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ मेले का शुभारंभ होगा, जिसके बाद रात्रि में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 22 मार्च को भी विशाल शोभायात्रा के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा रात्रि में भस्मासुर दहन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि गणगौर माता की पूजा ब्रज क्षेत्र में विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। इस मेले में परंपरागत रूप से 32 ईसर-गौरा के जोड़े आकर्षक रूप से सजाए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं।
उन्होंने बताया कि हरिहरनाथ मंदिर, लख्खी गली में सजाए जाने वाले गणगौर के जोड़ों की विशेष प्रसिद्धि है। इन जोड़ों को सजाने की तैयारी स्थानीय महिलाएं कई सप्ताह पहले से शुरू कर देती हैं और अत्यंत श्रद्धा एवं कलात्मकता के साथ उन्हें सजाया जाता है। 21 मार्च को इन सजे हुए ईसर-गौरा के जोड़ों को महिलाओं द्वारा सिर पर धारण कर शोभायात्रा के रूप में हटकेश्वर मंदिर तक ले जाया जाएगा, जहां उन्हें पारंपरिक रूप से जल अर्पित किया जाएगा।
मेला प्रभारी ललित शर्मा ने बताया कि मेले में सैकड़ों स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों, पारंपरिक वस्तुओं और खान-पान का विशेष बाजार सजाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र को आकर्षक सजावट और रोशनी से अलंकृत किया जाएगा, जिससे मेले की भव्यता और भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ये मेला संस्कार, संस्कृति को जीवंत रखने का सबसे उपयुक्त माध्यम है।
शहरवासियों को आमंत्रित करते हुए अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, मुख्य संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद वर्मा, मेला प्रभारी ललित शर्मा, संयोजक नरेश करेरा, संरक्षक महेश चंद्र शर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, सहसंयोजक ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रदीप गुप्ता, दीपक वर्मा, विजय वर्मा, गिरीश वर्मा, मंत्री विशाल वर्मा, गोपाल वर्मा, शुभम वर्मा, अनिल यादव, नरेश वर्मा, सहमंत्री अभिषेक जैन, पंकज यादव, नीरज वर्मा, गौरव शर्मा, राकेश वर्मा, अंकित वर्मा, राहुल वर्मा, मीडिया प्रभारी अमन वर्मा, रवि वर्मा, दीपक वर्मा, गौरव वर्मा, राज वर्मा आदि ने आमंत्रण पत्र का विमोचन किया।


