“माँगि नाव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरम मैं जाना…” के भाव में डूबा केवट संवाद, सजीव झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

आगरा। कावेरी मंदिर कमेटी द्वारा कावेरी कुंज, कमला नगर स्थित कावेरी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के छठवें दिवस केवट संवाद और सीता हरण प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। “माँगि नाव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरम मैं जाना…” चौपाई की मधुर गूंज के साथ कथा व्यास पंडित श्री भगवान भैया जी ने केवट प्रसंग को जीवंत कर दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा व्यास ने बताया कि केवट की प्रभु श्रीराम के प्रति निष्कपट भक्ति, समर्पण और प्रेम अद्वितीय है। केवट ने प्रभु को पहचानकर उनसे चरण धोने का आग्रह किया और सेवा का अवसर पाकर स्वयं को धन्य माना। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में न कोई भेद होता है और न ही कोई अहंकार।
इसके साथ ही सीता हरण प्रसंग का वर्णन अत्यंत करुण और भावुक रहा, जिसमें रावण द्वारा माता सीता के हरण की घटना ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। कथा व्यास ने बताया कि यह प्रसंग हमें सतर्कता, धर्म की रक्षा और अधर्म के परिणामों की सीख देता है।
कार्यक्रम के दौरान गंगा मैया में केवट और नाव में प्रभु श्रीराम की सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस मनोहारी प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए और भक्ति भाव से सराबोर होकर भगवान के जयघोष करने लगे।
इस अवसर पर दैनिक यजमान इंदर लालवानी, कन्हैया भटीजा और किशोर गोपाल जी ने विधि-विधान से व्यास पूजन किया।
कथा के दौरान कन्हैयालाल अग्रवाल, देवेन्द्र अग्रवाल, आरके श्रोत्रिय, महेश मेघदूत, अतुल बंसल, गिरीश कुमार गुप्ता, राम प्रकाश अग्रवाल, राकेश गर्ग, रोहित केसवानी, अनुराग अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, तुषार गोयल आदि उपस्थित रहे।


