कहीं आप भी नकली अशोका ट्री के पत्तों को औषधि मानकर तो नहीं खा रहे डॉ अर्चिता महाजन

यह सिर्फ माचिस की तीलियों और घर के बाहर सजावट के काम आता है इसकी कोई औषधि नहीं बनती
असली वृक्ष चौड़ा और नकली लंबा होता है नकली के पत्ते धरती की और झुके रहते हैं।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित और चंडीगढ़ महाजन सभा अध्यक्ष श्री राम मूर्ति जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि आयुर्वेद में अशोक वृक्ष को हेमपुष्प या ताम्रपल्लव कहा जाता है। वैसे तो अशोक वृक्ष (ashok vriksha) के विभिन्न अंग यानि फूल, पत्ता आदि को महिलाओं के सेहत संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके पौष्टिक और उपचारत्मक गुणों के कारण बहुत सारे बीमारियों के लिए आयुर्वेद में औषधि के रुप में इस्तेमाल (ashoka tree uses) किया जाता है।आजकल घर के बाहर अशोका ट्री लगाने का एक फैशन सचल पड़ा है और बहुत से लोगों ने नकली अशोका ट्री घर के बाहर यह समझ कर लगा लिया है कि शायद यह असली है परंतु बिल्कुल एक जैसा दिखने वाला यह पौधा सिर्फ सजावट और माचिस की तीलियों बनाने के काम आता है। इसका कोई औषधि गुण नहीं है।असत्य अशोक (False Ashoka/Polyalthia longifolia) का उपयोग मुख्य रूप से सजावटी उद्देश्यों, ध्वनि प्रदूषण कम करने और छाया प्रदान करने के लिए किया जाता है। असली अशोक (Saraca asoca) के विपरीत, इसके औषधीय गुण सीमित हैं। इसकी लकड़ी का उपयोग बक्से, पेंसिल और हल्की वस्तुओं को बनाने में किया जाता है, और इसके पत्तों से सजावटी बंदनवार बनाई जाती है।

असत्य अशोक के मुख्य उपयोग:
सजावट और भूदृश्य (Landscaping): यह सीधा और पतला बढ़ता है, इसलिए इसे पार्कों, बगीचों और घरों के आसपास सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाया जाता है।
ध्वनि और वायु अवरोधक: घनी पत्तियों के कारण, यह सड़कों के किनारे ध्वनि प्रदूषण को कम करने और धूल रोकने के लिए एक बेहतरीन हरित दीवार का काम करता है।
छायादार वृक्ष: यह छाया प्रदान करता है, इसलिए इसे रास्तों के किनारे लगाया जाता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक: इसके पत्तों का उपयोग शुभ अवसरों पर घर के मुख्य द्वार पर तोरण (बंदनवार) बनाने के लिए किया जाता है।
लकड़ी का उपयोग: इसकी लकड़ी का उपयोग बक्से, पेंसिल, माचिस की तीली और अन्य छोटी चीजें बनाने के लिए किया जाता है।


