मेहंदी एवं राखी प्रतियोगिता तथा पुरस्कार वितरण समारोह

आगरा। सरस्वती शिशु/बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सुभाष पार्क, आगरा में मेहंदी एवं राखी प्रतियोगिता तथा पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय श्री विद्या परिषद की मंत्री श्रीमती नीरजा शर्मा जी, भारतीय श्री विद्या परिषद की प्रदेश निरीक्षिका श्रीमती प्रेमा पानू जी, प्रबंध समिति की सह प्रबंधिका डॉ. सपना गोयल जी, कोषाध्यक्ष श्री मनोहर सिंह धाकड़ जी, सदस्या श्रीमती अनीता सान्याल जी तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन राजपूत जी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के श्रीचरणों में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात् आए हुए अतिथियों का परिचय एवं सम्मान पट्टिका पहनाकर स्वागत किया गया।
विद्यालय में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्गों के अंतर्गत अंग्रेजी सुलेख एवं श्रुतलेख, हिंदी सुलेख एवं श्रुतलेख, मेहंदी तथा राखी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डॉ. सपना गोयल जी एवं श्रीमती अनीता सान्याल जी ने मेहंदी एवं राखी प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। छात्राओं द्वारा अत्यंत सुंदर एवं रचनात्मक मेहंदी तथा आकर्षक राखियाँ बनाई गईं, जिसके कारण विजेताओं का चयन करना निर्णायकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।

प्रदेश निरीक्षिका श्रीमती प्रेमा पानू जी ने बोधकथा के माध्यम से छात्राओं को कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास का महत्व समझाते हुए अपने सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया। मंत्री श्रीमती नीरजा शर्मा जी ने छात्राओं को आगामी प्रतियोगिताओं एवं परीक्षाओं के लिए पूर्व तैयारी करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सपना गोयल जी ने सभी विजेता छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए जीवन में निरंतर प्रगति करने का संदेश दिया। श्रीमती अनीता सान्याल जी ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन राजपूत जी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को हार्दिक बधाई दी। साथ ही जिन छात्राओं को इस बार पुरस्कार प्राप्त नहीं हुआ, उन्हें निराश न होकर भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम उत्साह, उमंग एवं रचनात्मकता से परिपूर्ण रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं की कला, प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहन मिला।


