*आगरा की कोठी मीना बाजार बनेगी छत्रपति शिवाजी का भव्य स्मारक
*उत्तर प्रदेश-महाराष्ट्र सरकार ने किया संयुक्त निरीक्षण 50 फुट ऊंची प्रतिमा, म्यूजियम और लाइट-एंड-साउंड शो से गूंजेगा शिवाजी का शौर्य*
*योगी-फडणवीस सरकार का ऐतिहासिक फैसला*
*आगरा बनेगा उत्तर भारत और दक्षिण भारत की एकता एवं पर्यटन और का नया केंद्र योगेंद्र उपाध्याय*

आगरा । 17 अगस्त 1666 की वह रात… जब छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी बुद्धि, साहस और अद्भुत योजना क्षमता से औरंगजेब की कैद तोड़ी थी। 359 साल बाद उस ऐतिहासिक स्थल “कोठी मीना बाजार” को अब भव्य स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को इस स्थान का संयुक्त निरीक्षण कर स्मारक को मूर्त रूप देने का संकल्प लिया। दोनों सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में पहुंचे मंत्री एवं महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक स्थल का भौतिक निरीक्षण करते हुए आगामी कार्य योजना पर चर्चा की।
*5 साल की शोध के बाद मिली सफलता*
आगरा दक्षिण के विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले 5-6 वर्षों से इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के साथ मंथन के बाद यह प्रमाणित हुआ कि औरंगजेब ने शिवाजी को कोठी मीना बाजार में ही कैद किया था। यहीं से अपनी चतुराई से वे पुत्र संभाजी के साथ निकल भागे थे।

उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय की पहल पर योगी सरकार ने इस स्थान को स्मारक के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया और अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू कर दी। मंत्री ने इस तथ्य से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संस्कृति मंत्री आशीष शेलार को अवगत कराया, जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार भी इस पुनीत कार्य में सहभागी बनी।
*दोनों सरकारों के मंत्री पहुंचे आगरा*
सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि योगेंद्र उपाध्याय और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधि प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल व कैबिनेट मंत्री भरतशेठ गोगावले ने आगरा प्रशासन के अधिकारियों के साथ कोठी मीना बाजार का निरीक्षण किया।
*सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और अधिकारियों की हुई संयुक्त बैठक*
इसके बाद सर्किट हाउस में दोनों प्रदेशों के प्रतिनिधि मंत्रियों एवं अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में स्मारक को “भव्य और दिव्य” स्वरूप देने पर सहमति बनी। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का का ड्रीम प्रोजेक्ट है। दोनों सरकार मिलकर छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक को भव्य और दिव्या बनाने का संयुक्त प्रयास कर रहीं हैं । बैठक में महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट काउंसिल के डायरेक्टर नीलेश गटनी जिलाधिकारी आगरा मनीष बंषल ,आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

*क्या-क्या बनेगा स्मारक में*
1. *50 फुट से ऊंची छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा* का अधिष्ठापन
2. *शौर्य म्यूजियम*: शिवाजी के जीवन की वीरता और युद्ध कौशल की झांकी
3. *लाइट एंड साउंड शो*: जिससे नई पीढ़ी शिवाजी के शौर्य से प्रेरणा ले सके
*आगरा को मिलेगी नई पहचान*
उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह स्मारक सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत की एकता का प्रतीक बनेगा। इससे देश-विदेश के पर्यटक आगरा आएंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को पंख लगेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल एवं मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस स्मारक में हर संभव सहयोग करेगी। यह स्मारक उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र के लोगों के लिए आस्था एवं युवाओं के लिए प्रेरणा स्थल बनेगा । महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भरतशेठ गोगावले ने इसे “हिंदू गौरव के पुनर्जागरण” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा एकओर इस भव्य स्मारक से भारत के महान सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व से जनता अवगत होगी और प्रेरणा लेगी वहीं आगरा एक शौर्य पूर्ण इतिहास का पर्यटन स्थल भी बनेगा।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि ताजमहल के बाद कोठी मीना बाजार स्मारक आगरा का दूसरा सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा और आगरावासियों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।

*इनकी रही मौजूदगी* सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय , महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल , महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भारत सेठ गोगावले , डा . वात्सल्य उपाध्याय, गरुड़छेप मुहिम के अध्यक्ष मारुति आभा गोले, विजय गोयल, श्याम राव , पार्षद सुनील करमचंदानी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


