इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के 33वें स्थापना दिवस समारोह का हुआ आयोजन

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*व्यापार बढ़ेगा तभी उद्योग बढ़ेगा, जीएसटी की जटिलताओं से राहत की उठी मांग*

*जीएसटी के शिकंजे में व्यापारी, तीन साल बाद फर्जी फर्म का तमगा मिलने पर उठे सवाल*

*इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के 33वें स्थापना दिवस समारोह का हुआ आयोजन

आगरा। इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन की ओर से 33वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन वाटर वर्क्स स्थित स्टेट अग्रवंश में किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और विशिष्ट अतिथि जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर ए.के. सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में उद्योग और व्यापार से जुड़ी समस्याओं पर मंथन हुआ।

अध्यक्ष अतुल गोयल ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद कारोबार में पारदर्शिता बढ़ी है, लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारियों के सामने आज भी कई व्यावहारिक समस्याएं बनी हुई हैं। सबसे बड़ी समस्या जीएसटी पंजीकरण और फर्म के सत्यापन को लेकर है। विभाग आसानी से फर्म का जीएसटी पंजीकरण कर देता है, लेकिन कई बार वर्षों बाद उसी फर्म को फर्जी घोषित कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में व्यापारी के सामने टैक्स, ब्याज और जुर्माने की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। यदि किसी फर्म के दस्तावेजों, पते या कारोबार में कोई कमी है तो उसका सत्यापन पंजीकरण के समय ही किया जाना चाहिए। तीन साल कारोबार करने के बाद व्यापारी को फर्जी फर्म बताकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।

सचिव मुकेश जैन ने कहा कि वर्तमान में बाजार में कारोबार की रफ्तार लगातार प्रभावित हो रही है। व्यापारी निवेश करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर है। कारोबार में प्रतिस्पर्धा और लागत बढ़ने के साथ-साथ जीएसटी की जांच और कार्रवाई का डर भी व्यापारियों के मन में बना रहता है। विभाग को छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय पहले व्यापारी को सुधार का अवसर देना चाहिए।

कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि आगरा में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन उद्योगों के विस्तार और नए कारोबार की स्थापना के रास्ते में कई व्यावहारिक अड़चनें हैं। डीजल की बढ़ती कीमत और बिजली की उपलब्धता में सुधार का असर पंपिंग सेट कारोबार पर पड़ा है। पहले जिन क्षेत्रों में डीजल आधारित पंपिंग सेट की मांग थी, वहां अब बिजली आधारित विकल्प बढ़ने से बिक्री में कमी आई है।

पूर्व अध्यक्ष अमित मित्तल ने कहा कि सरकार यदि आगरा में नए उद्योग स्थापित करने, पुराने उद्योगों के विस्तार, आसान ऋण, बेहतर औद्योगिक सुविधाएं और सरल कर व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठाए तो रोजगार के साथ-साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। जीएसटी की रियायतों और नियमों को लेकर व्यापारियों में बने असमंजस को दूर करने के लिए सरल और स्पष्ट व्यवस्था की मांग की। कार्यक्रम में श्रीकृष्ण अग्रवाल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अमित जैन ने किया। कार्यक्रम संयोजक शलभ गर्ग, मनोज गर्ग, अमित मित्तल, नितिन गर्ग, उमेश बंसल, अतुल गुप्ता, संजय गोयल, अमित जैन, नरेश गर्ग, योगेश राय, दीपेंद्र बंसल, विजय बंसल, रूपल गोयल, संजय गर्ग आदि मौजूद रहे।