1. यूपीसीडा द्वारा रख-रखाब शुल्क लेने के उपरान्त भी जल निगम द्वारा भेजे जा रहे हैं जलकर के बिल।
2. यूपीसीडा द्वारा लगाया गया शुल्क व जल निगम द्वारा लिया जा रहा जलकर से उद्यमियों में आक्रोश।
3. माननीय विधायक श्री पुरूषोतम खंडेलवाल जी ने उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने दिया आश्वासन।

आगरा। चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में विधायक श्री पुरूषोतम खंडेलवाल जी के साथ बैठक आयोजित की गयी। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा आगरा की औद्योगिक एवं व्यापारिक व शहर की समस्याओं का प्रतिवेदन माननीय विधायक जी को सौंपा गया।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 28.10.2024 के शासन आदेश के आधार पर उत्तर प्रदेश के यूपीसीडा द्वारा विकसित सभी औद्योगिक क्षेत्र, रखरखाव और विकास के लिए स्थानीय नगर निगम, नगर निकाय, जिला पंचायत इत्यादि की सीमा में होते हुए भी उनसे हटाकर यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र में समाहित किए गए। अब अपने द्वारा विकसित सभी औद्योगिक क्षेत्र का रखरखाव, सुधरीकरण एवं साफ सफाई, पेयजल सीवर इत्यादि की व्यवस्थाएं यूपीसीडा अपने स्तर से करेगा और इस कार्य के लिए नगर निगम, जिला पंचायत इत्यादि जैसी स्थानीय संस्थाओं द्वारा गृहकर या इसी प्रकार के केाई भी अन्य कर इन क्षे़त्रों मे नहीं लिए जाएंगे, परन्तु वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्रों में जल निगम द्वारा जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं जिससे उद्यमियों एवं व्यापारियों पर दोहरा शुल्क का बोझ सहन करन पड़ रहा है।
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि शासन के आदेशानुसार जब औद्योगिक क्षेत्रों का रख-रखाब शुल्क यूपीसीडा द्वारा किया जा रहा है व मैन्टेनेंस शुल्क भी यूपीसीडा द्वारा उद्यमियों से लिया जा रहा है तो जल निगम द्वारा उद्यमियों को जलकर के बिल भेजना न्यायसंगत नहीं है। चैम्बर द्वारा इस संबंध में एक पत्र जिलाधिकारी महोदय को भी भेजा गया है। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि उद्यमियों से दोहरा शुल्क न लिया जाये तथा जलकर के बिलों को निरस्त किया जाये।
माननीय विधायक श्री पुरूषोतम खंडेलवाल जी ने चैम्बर द्वारा बतायी गयी सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन पर सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, संजय गोयल थे।


