मेगा कृषि आउटरीच कार्यक्रम में किसानों को मिली बड़ी सौगात पंजाब नेशनल बैंक ने 15 करोड़ रुपये तक के कृषि ऋण स्वीकृत किए

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मेगा कृषि आउटरीच कार्यक्रम में किसानों को मिली बड़ी सौगात

पंजाब नेशनल बैंक ने 15 करोड़ रुपये तक के कृषि ऋण स्वीकृत किए

आगरा। पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अन्नपूर्णा सेवा सदन, हाथरस रोड, सादाबाद में “मेगा कृषि आउटरीच कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए दीर्घकालिक कृषि अवसंरचना को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर आगरा, हाथरस एवं अलीगढ़ जनपदों से बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता कर विभिन्न कृषि योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डिप्टी जनरल मैनेजर, हेड ऑफिस नई दिल्ली कालका प्रसाद, चेयरमैन सादाबाद हेमलता अग्रवाल, राधा रमण अग्रवाल, डिप्टी जोनल हेड अनिल कुमार अनल तथा सर्किल हेड संजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर किसानों को कृषि विकास, डेयरी, कृषि उपकरण, सिंचाई एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये तक के ऋण स्वीकृत किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की भी जानकारी दी गई।

मुख्य अतिथि कालका प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों की आर्थिक उन्नति एवं ग्रामीण विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक सदैव किसानों के हित में कार्य करता रहा है और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंक द्वारा निरंतर सरल एवं सुलभ ऋण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और बैंकिंग योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

चेयरमैन सादाबाद हेमलता अग्रवाल ने कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा किसानों का सशक्त होना देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान करते हैं।

डिप्टी जोनल हेड अनिल कुमार अनल एवं सर्किल हेड संजय कुमार श्रीवास्तव ने भी किसानों को बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, बैंक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।