शिव-पार्वती विवाह प्रसंग में उमड़ा उल्लास, बाराती बन झूमे श्रद्धालु

आगरा। कावेरी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन पार्वती जी की कठोर तपस्या और भगवान शिव से उनके दिव्य विवाह का अनुपम प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक वातावरण में प्रस्तुत किया गया। कथा व्यास पंडित श्री भगवान भैया जी ने अपने मधुर एवं ओजस्वी वर्णन से शिव-पार्वती विवाह की अद्भुत झांकी जीवंत कर दी, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान बताया गया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की, जो अटूट श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरण किया और यह दिव्य मिलन सृष्टि के सबसे पावन और आदर्श विवाह के रूप में स्थापित हुआ।
शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के साथ ही शिव बारात का दृश्य भी अत्यंत आकर्षक रहा। भगवान शिव की बारात में देव, गण, भूत-प्रेत और शिवगणों का अनोखा स्वरूप प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान श्रद्धालु स्वयं को बाराती मानकर भक्ति भाव में झूम उठे और बैंड-बाजों की धुन पर जमकर नृत्य किया। पूरा परिसर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम में विभिन्न स्वरूपों की सुंदर प्रस्तुति की गई, जिनकी सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से आरती उतारी। वातावरण में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दैनिक यजमान महेश अग्रवाल, कन्हैयालाल अग्रवाल और जितेंद्र अग्रवाल ने विधि-विधान से व्यास पूजन किया।
कथा के दौरान देवेंद्र अग्रवाल, कन्हैया भटीजा, अतुल बंसल, गिरीश कुमार गुप्ता, राम प्रकाश अग्रवाल, राकेश गर्ग, रोहित केसवानी, अनुराग अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, तुषार अग्रवाल, आर के श्रोत्रिय आदि उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर हुए।


