
1. चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल मिला मंडलायुक्त श्री नागेन्द्र प्रताप जी से।
2. चैम्बर द्वारा टीटीजेड की समस्या, यूपीसीडा द्वारा लगाये जा रहे अधिकतम रख-रखाब शुल्क की समस्या, गेल गैस द्वारा भेजे जा रहे ओवरड्राल के प्रोविजनल बिल एवं सेटेलाईट बस अड्डे को शीघ्र प्रारम्भ करने आदि की समस्याओं से कराया मंडलायुक्त को अवगत।
3. गेल गैस के उदासीन रवैये के प्रति चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने जताया रोष।
4. मंडलायुक्त महोदय की अध्यक्षता में गेल गैस के अधिकारियों व चैम्बर की संयुक्त बैठक शीघ्र कराने का दिया आश्वासन।
5. व्हाइट/गैरप्रदूषणकारी उद्योगों को विद्युत कनैक्शन न दिये जाने की समस्या को चर्चा हेतु प्रेषित किया जायेगा 01 जून को ताज संरक्षित क्षेत्र की बैठक में।
5. माननीय मुख्यमंत्री ताज सरंक्षित क्षेत्र के प्रति है बेहद गंभीर – मंडलायुक्त
6. ताज संरक्षित क्षेत्र में शीघ्र सकारात्मक परिणाम आने का दिये संकेत।
महोदय,
आज चैम्बर का एक प्रतिनिधिमंडल चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में श्री नगेन्द्र प्रताप जी, आईएएस, मंडलायुक्त आगरा से मिला जिसमें चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल द्वारा अवगत कराया गया कि ताज संरक्षित क्षेत्र में व्हाइट कैटेगिरी व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना हेतु वर्तमान में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत के नये कनैक्शन नहीं दिये जा रहे हैं जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में न तो नये उद्योग लाये जा रहे हैं और न ही उद्योगो का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में अगर कोई इंडस्ट्रीज गैस जेनरेटर द्वारा मशीनों को संचालित कर रही है और उसके प्रदूषण अनापत्ति पत्र में गैस जेनरेटर भी सम्मिलित है। वर्तमान में गैस जेनरेटर चलन से बाहर हो जाने के कारण फर्म स्वामी द्वारा विद्युत कनैक्शन हेतु आवेदन किये जाने पर विद्युत विभाग द्वारा उसको ताज संरक्षित क्षेत्र का हवाला देकर उसको नया विद्युत कनैक्शन नहीं दिया जाता है जबकि फर्म स्वामी द्वारा फर्म का न तो विस्तारीकरण किया जाता है, फर्म स्वामित्व व उत्पाद भी पूर्ववत् होता है। मंडलायुक्त महोदय को अवगत कराया गय कि कि माननीय सर्वोच्च के आदेषानुसार विद्युत कनैक्शन नहीं दिये जाने पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं है। ब्रश उद्योग, हैंड्रीक्राफ्ट उद्योग आदि जिसमें किसी भी प्रकार से वायु प्रदूषण नहीं होता है उनकों भी विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनैक्शन नहीं दिये जा रहे हैं। वर्तमान में विषम परिस्थितियों के कारण उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली गैस में गेल गैस द्वारा कटौती की जा रही है जिसके कारण आगरा के उद्योगों के संचालन में समस्या आ रही है। अतः आगरा के उद्योगों को वैकल्पिक ईधन के रूप में विद्युत कनैक्शन दिये जायें जिससे आगरा के उद्योग सुचारू रूप से संचालित हो सकें। अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने बताय कि आगरा को 11 लाख घन मीटर गैस आवंटित की गयी है जिसमें पैट्रोलियम मंत्रालय द्वारा किसी भी प्रकार का कोई कट नहीं है परन्तु गेल गैस द्वारा आगरा की गैस उपभोक्ता इकाइयों को लगातार 3 माह से ओवरड्राल के प्रोविजनल बिल प्राप्त हो रहे हैं। चैम्बर द्वारा उक्त समस्या के निस्तारण हेतु लगातार पत्राचार किया जा रहा है लेकिन गेल गैस द्वारा इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं जा रहा हैं जिससे आगरा की गैस उपभोक्ता इकाइयों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मांग की गयी कि गैस उपभोक्ता इकाइयों को राहत देने हेतु एक आपात बैठक आपकी उपस्थिति में गेल गैस अधिकारियों के साथ आयोजित करवायी जाये जिससे आगरा की गैस उपभोक्ता इकाइयों को राहत प्राप्त हो सके।
पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल जी द्वारा अवगत कराया गया कि यूपीसीडा द्वारा जो शुल्क 1 जनवरी 2025 से लिया जा रहा है वह अप्रशंसिक है। क्योंकि नगर निगम को हम 31 मार्च 2025 तक का कर दे चुके हैं। इसलिए यह तीन माह का शुल्क लेना उद्यमी के साथ अन्याय पूर्ण अतिरिक्त शर है। आगरा नगर निगम द्वारा जो गृह कर के रूप में शुल्क लिया जा रहा था, वह रोड की चौड़ाई खुली हुई भूमि एवं कवर्ड एरिया पर अलग-अलग दर से लिया जा रहा था। उसके साक्षेप में वर्तमान में आगरा में ₹35 प्रति वर्ग मीटर शुल्क की मांग यूपीसीडा द्वारा की गई है। यह मांग लगभग 70 प्रतिषत उद्यमियों पर नगर निगम द्वारा मांगी जा रही, कर की मांग से लगभग 1.5 डेढ़ गुना से 2 गुना तक अधिक है। हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि माननीय मंत्री उ0प्र0 उद्योग श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जी द्वारा प्रयागराज में 55/-रू0 के स्थान पर 21/-वर्गमीटर रख-रखाब शुल्क कर दिया गया है।
पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि आगरा में जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु चैम्बर के गत 3 वर्षों से रोडवेज की अनाधिकृत कब्जा हुई भूमि को अवमुक्त कराकर यहाँ हाथरस, अलीगढ़ एवं मेरठ को जाने वाली बसों के लिये सेटेलाइट बस अड्डा का निर्माण कराया गया जिसका दिनांक 14 फरवरी 2026 को उद्घाटन किया जाना स्वीकृत किया गया था किन्तु अपरिहार्य कारणों से यह संभव नहीं हो सका। यदि लगभग 350 बसों का संचालन फाउंड्री सेटेलाइट बस स्टैंड से चलायी जायेंगी तो शहर को प्रदूषण व जाम से मुक्ति मिलगी। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि सेटेलाइट बस अड्डा का ऑनलाईन उद्घटन कर बस अड्डे से 350 बसों का संचालन प्रारंभ किया जाये जिससे शहर में अनावश्यक बसों के जाने से जाम, समय एवं ईधन की बचत होगी और शहर को जाम की समस्या से निजात मिल सके।
श्री नागेन्द्र प्रताप जी मंडलायुक्त महोदय द्वारा चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को बहुत ही ध्यानपूर्व सुना गया तथा आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही एक बैठक गेल गैस के अधिकारियों के साथ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में चैम्बर के साथ आयोजित की जायेगी। विद्युत कनैक्शन देने के संबंध में कहा कि शीघ्र ही 01 जून को टीटीजेेड समिति की बैठक होने जा रही है जिसमें चैम्बर द्वारा विद्युत कनैक्शन न दिये जाने की समस्या को बैठक में चर्चा हेतु प्रेषित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि टीटीजेड के प्रति माननीय मुख्यमंत्री जी बेहद गंभीर हैं तथा टीटीजेड समस्या के निस्तारण हेतु शीघ्र ही अच्छे परिणाम सामने आयेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल व सदस्य प्रशांत जैन उपस्थित थे।


