चैम्बर ने किया वृहद स्तर पर आयकर सेमीनार का आयोजन।

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1. चैम्बर ने किया वृहद स्तर पर आयकर सेमीनार का आयोजन।

2. चैम्बर पर सदस्यों को आयकर पर सेमीनार के माध्यम से ज्ञानवर्धन व पूर्व वित्तमंत्री का भी मिलता रहा है सहयोग – माननीय राजबब्बर।

3. करदाता के अधिकार व कर्तव्य के बारे में कराया अवगत – डा0 कपिल गोयल।

4. टैक्नोलॉजी वरदान होना चाहिये अभिशाप नहीं – डा0 कपिल गोयल

5. संविधान के आर्टिकल नं0 265 का करना चाहिये पालन – डा0 कपिल गोयल

6. सर्च के समय सर्च अधिकारियों के साथ बनाये समन्वय – श्रीमती रानो जैन

7. सर्च के दौरान महिला को 500 ग्राम सोना, युवती को 2.50 ग्राम सोना व पुरूष को 100 ग्राम सोना रखने का है अधिकार।

8. पंचनामे की एक प्रति करदाता को अपने पास रखने का है अधिकार – श्रीमती रानो।

 

आगरा।होटल र्क्लाक्स शिराज आगरा में आयकर सेमीनार का आयोजन चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा, मुख्य अतिथि माननीय पूर्व सांसद राजबब्बर जी एवं मुख्य वक्ता डा0 कपिल गोयल एवं श्रीमती रानो जैन जी के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष शलभ शर्मा द्वारा किया गया।

 

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि आज की सेमीनार का मुख्य उद्देश्य कर की नई जानकारी, एवं आयकर अधिनियम 2025 के बारे में वक्ताओं द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि सदस्यों को आयकर की जानकारी वक्ताओं के माध्यम से सरल व सहज भाषा में बतायी जायेगी। सत्र के मध्य में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया है।

पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा द्वारा मुख्य अतिथि माननीय श्री राजबब्बर जी एवं वक्ताओं के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि आज की इस सेमीनार में Rights and duties of tax payers in current perspective, How to reply to various notices of tax deptt.,Fundamentals of taxation helpful in new tax laws, protection to tax payers from misuse of law, Survey, search and seizure Under Income Tax Act 2025 के बारे में वक्ताओं द्वारा सदस्यों का ज्ञानवर्धन किया जायेगा।

 

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजबब्बर जी ने कहा कि चैम्बर द्वारा समय-समय पर सदस्यों के ज्ञानवर्धन हेतु आयकर की विभिन्न जानकारियों के बारे में अवगत कराने हेतु सेमीनार का आयोजन किया जाता रहा है जिससे उद्यमियों एवं व्यापारियों को कर की सही जानकारी होने से किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि उन्हें चैम्बर का पूर्ण सहयोग प्राप्त होता है वह हमेशा चैम्बर के साथ है।

 

मुख्य वक्ता डा0 कपिल गोयल द्वारा “वर्तमान परिप्रेक्ष्य में करदाताओं के अधिकार एवं कर्तव्य” विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि करदाता देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण भागीदार हैं तथा उन्हें आयकर कानून के अंतर्गत विभिन्न अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही समय पर रिटर्न दाखिल करना, सही आय का विवरण देना तथा कर कानूनों का अनुपालन करना प्रत्येक करदाता का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आयकर विभाग द्वारा जारी विभिन्न नोटिसों का प्रभावी एवं विधिसम्मत उत्तर कैसे दिया जाए विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने आयकर विभाग द्वारा जारी नोटिसों के प्रकार, उनके कारण तथा समयबद्ध एवं तथ्यात्मक उत्तर देने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि सही जानकारी एवं उचित दस्तावेजों के माध्यम से अधिकांश मामलों का समाधान सहजता से किया जा सकता है। सेमीनार के दौरान नवीन कर कानूनों को समझने हेतु कराधान के मूलभूत सिद्धांतों पर भी प्रकाश डाला गया। आयकर व्यवस्था की आधारभूत अवधारणाओं, कर निर्धारण प्रक्रिया, कर अनुपालन तथा डिजिटल कर प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को नई कर व्यवस्थाओं को समझने में सहायता मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों ने विषय की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं समयानुकूल बताया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न कर संबंधी प्रश्नों का विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान प्रस्तुत किया। सेमीनार में “करदाताओं को कानून के दुरुपयोग से संरक्षण विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भारत की कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह करना ही नहीं, बल्कि करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना भी है। आयकर अधिनियम में अनेक ऐसे प्रावधान हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी करदाता के साथ अनुचित, मनमाना अथवा पक्षपातपूर्ण व्यवहार न हो। सेमीनार में यह भी बताया गया कि यदि किसी करदाता को विभागीय कार्यवाही में किसी प्रकार की त्रुटि, अन्याय अथवा अधिकारों के उल्लंघन की आशंका हो तो वह अपील, पुनर्विचार एवं शिकायत निवारण की वैधानिक व्यवस्थाओं का उपयोग कर सकता है।

 

मुख्य वक्ता रानो जैन जी ने बताया सर्च के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सर्च के दौरान सर्च अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिये उनको घर अथवा कार्यालय की जांच करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त होता है वह किसी भ अलमीरा, लॉकर, संदूक आदि को खोलकर जांच करने का अधिकार होता है। सर्च के दौरान वह किसी भी अधिकारी अर्थात प्रशासन की भी सहायता ले सकता है। उनके द्वारा जहां सर्च की जाती है वहाँ के व्यक्तियों से स्टेटमेंट रिकार्ड कर सकते हैं तथा आभूषण व नकदी व कागजात व खातों की जांच कर उन्हें सीज कर सकते हैं। किन्तु आवास/व्यवसाय में किसी की स्वास्थ्य सहीं न होने पर व चिकित्सक को सर्च में आने की अनुमति प्रदान कर सकते हैं। पंचनाम में सर्च के दौरान मिले दस्तावेज व वस्तुआंे की वह एक सूची बनाकर उसमें दो पड़ोसियों के हस्ताक्षर, सर्च अधिकारी के हस्ताक्षर, जिसके सर्च हुई है उसके हस्ताक्षर कराकर उसकी एक प्रति जिसके यहां सर्च हुई है उसको प्रदान की जाती है। सर्च के दौरान कोई ऐसा अभिलेख जिसका आपके पास कोई वैधानिक साक्ष्य है तो आप उसे दिखाकर सर्च के दौरान राहत प्राप्त कर सकते हैं।

 

सेमीनार में धन्यवाद ज्ञापन टैक्सेशन बार एसोसियेशन के अध्यक्ष राजकिशोर खंडेलवाल द्वारा किया गया।

 

सेमीनार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष के0के0 पालीवाल, राजकुमार अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, अमर नाथ कौशल, प्रदीप वार्ष्णेय, शिव कुमार अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, शलभ शर्मा, सदस्य प्रार्थना जालान, शैलेश अग्रवाल, मनोज कुमार गुप्ता, विवेक जैन, देवेन्द्र कुमार गोयल, राजेन्द्र अग्रवाल, राकेश कुमार चौहान, रोहित नैयर, नरेन्द्र तनेजा, रूपकिशोर अग्रवाल, सुनील गोयल, अनिल ंअग्रवाल, दिनेश कुमार जैन, सौरभ जैन, सुरेश चंद बंसल, राहुल राना, अनूप गोयल, गिरीश चंद गोयल सी.ए. एम.एम. भसीन आदि उपस्थित थे।