अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त

दिनांक 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम हेतु जनसामान्य से अपील की गई है कि 18 वर्ष से कम आयु की किशोरियों एवं 21 वर्ष से कम आयु के किशोरों का विवाह कराना कानूनन अपराध है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत ऐसा करने पर 2 वर्ष तक की सजा या ₹1,00,000/- तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।*
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181 पर दें और इस कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार आगरा चाइल्ड हेल्पलाइन, हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन, वन स्टॉप सेंटर की टीम, डीसीपीयू यूनिट व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा अक्षत तृतीया के अवसर पर ज्यादा बाल विवाह होने की संभावना को खत्म करने के लिए बाल विवाह के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया, आगरा कैंट रेलवे स्टेशन,राजा मंडी रेलवे स्टेशन, ईदगाह बस स्टैंड, आईएसबीटी,आगरा के बाजारी क्षेत्र राजा मंडी मार्केट, शाहगंज मार्केट, रामनगर की पुलिया, बोदला, अलबतिया, कारगिल, सिकंदरा व विचपुरी रोड मैं बाल विवाह के दंड व अपराध बताते हुए जागरूक किया गया और कहीं भी विवाह की जानकारी मिलने पर आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181 व जनपद आगरा के पदाधिकारी, उप जिलाधिकारी (संबंधित तहसील)पर दे और इस कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें।
साथ ही महिला कल्याण विभाग की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना,निराश्रित महिला पेंशन योजना, आदि की जानकारी दी गई।
अभियान में वन स्टॉप सेंटर से रुचि सिंह सेंटर मैनेजर, आशीष, नीरज , हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन यूनिट से वर्तिका दीक्षित (जिला मिशन कोऑर्डिनेटर), शिखा दीक्षित व लवकेश सेहरा, (जेंडर स्पेशलिस्ट), चाइल्ड हेल्पलाइन से बृजेश कुमार गौतम (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर), नीलम, किरण,एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी मौजूद रहे ।


