
श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा परीक्षित जन्म प्रसंग, हरे कृष्ण संकीर्तन में सराबोर हुए श्रद्धालु
आगरा। इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में समाधि पार्क, सूर्य नगर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन भक्तों ने श्रीमद्भागवत के दिव्य प्रसंगों का रसास्वादन किया। कथा प्रारंभ हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन के साथ हुआ और समापन भी संकीर्तन के मधुर स्वर के बीच हुआ। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने दूसरे दिन महाराज परीक्षित के जन्म, कलियुग विजय एवं श्राप प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन के गूढ़ सत्य को समझाने वाली दिव्य धारा है। महाराज परीक्षित के जीवन प्रसंग के माध्यम से उन्होंने धर्म, समय और मानव जीवन के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने सृष्टि की संरचना, विभिन्न मन्वंतरों, स्थान लीला, बैकुंठ विजय और वर्तमान मन्वंतर की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने प्रत्येक मन्वंतर के इंद्र एवं मनु के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि सृष्टि का संचालन ईश्वर की दिव्य योजना के अनुसार होता है। उन्होंने बताया कि जीव 24 तत्वों के बंधन में फंसा रहता है और इन्हीं तत्वों से ऊपर उठकर श्रीकृष्ण का आश्रय प्राप्त कर मुक्ति पाई जा सकती है। यह ज्ञान श्रीमद्भागवत के माध्यम से सहज रूप में मिलता है।
राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल ने बताया कि मंगलवार को कथा महोत्सव के तृतीय दिवस वराह अवतार, दक्ष यज्ञ, ध्रुव चरित्र एवं पुरंजन उपाख्यान के प्रसंगों का श्रवण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन मूल श्रीमद्भागवत कथा पर आधारित है, जिसमें शास्त्र के मूल स्वरूप का वर्णन किया जा रहा है। कथा पूरी तरह भक्ति से परिपूर्ण, सरल और सादगीपूर्ण शैली में प्रस्तुत की जा रही है, जिससे प्रत्येक श्रद्धालु सहज रूप से श्रीकृष्ण भक्ति का अनुभव कर सके।
अरविंद स्वरूप प्रभु ने बताया कि कथा महोत्सव में प्रतिदिन हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन, नाम-जप और भजन के माध्यम से श्रद्धालु भक्ति रस में डूब रहे हैं। कथा का उद्देश्य केवल श्रवण नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पण और आत्मिक शांति का अनुभव कराना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ अपर्णा पोद्दार, डॉ परिणीता बंसल, शिखा सिंघल आदि उपस्थित रहीं।


