आगरा कॉलेज में “शिक्षक संवाद कार्यक्रम” का भव्य आयोजन
*”मोदी जी के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के स्वर्णिम अध्याय” – योगेन्द्र उपाध्याय

आगरा।माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के जनसेवा, सुशासन, समावेशी विकास एवं राष्ट्र निर्माण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगरा कॉलेज, आगरा के ऑडिटोरियम में सोमवार को “शिक्षक संवाद कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आगरा मंडल के शिक्षकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण करना नहीं था, बल्कि उच्च शिक्षा, सामाजिक-शैक्षणिक उत्थान, कौशल विकास, नवाचार, युवा सशक्तिकरण तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु समाज के विभिन्न वर्गों के मध्य सार्थक संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं आरती के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती वंदना “हे शारदे मां, अज्ञानता से तार दे मां” की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को ज्ञान एवं संस्कृति की गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आगरा कॉलेज के प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के सचिव प्रो. सी. के. गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उन्होंने बताया कि आगरा कॉलेज ने भी नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनेक महत्वपूर्ण पहलें की हैं तथा विश्वविद्यालय के रूप में विकसित होने हेतु अपना प्रस्ताव तैयार किया है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी आगरा श्री मनीष बंसल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों और बुद्धिजीवियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने वाले वास्तविक राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें कौशलयुक्त, जागरूक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण वाला नागरिक बनाना शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने शिक्षकों से नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को विवेक, दृष्टि और जीवन मूल्यों से समृद्ध करना भी है। विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, चिंतन करने और नवाचार की प्रवृत्ति विकसित करना समय की आवश्यकता है।
आगरा के प्रतिष्ठित उद्योगपति श्री पूरन डावर ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना आर्थिक आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से ही साकार होगा। “स्किल इंडिया”, “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियान भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को उद्योग और रोजगार से जोड़ना समय की मांग है, जिससे विद्यार्थी रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष भारत के विकास, आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा के स्वर्णिम अध्याय रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीकी विकास, चिकित्सा शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, आधारभूत संरचना और उच्च शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा प्रदान की है। देश में नए आईआईटी, आईआईएम, एम्स, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की गई है। उत्तर प्रदेश में भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2017 में जहां 19 निजी विश्वविद्यालय थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर 53 हो चुकी है। शिक्षा को ज्ञान, कौशल और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रो. अरुणोदय वाजपेई ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा को समग्र एवं एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान किया है। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, डिजिटल शिक्षा, स्वयं पोर्टल, समर्थ पोर्टल तथा स्किल इंडिया जैसी पहलें शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बना रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग, नवाचार और कर्तव्यबोध विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. शशिकांत पांडे ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर शेफाली चतुर्वेदी जी द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आगरा के महत्त्वपूर्ण कॉलेजों के प्राचार्य , उनके प्रतिनिधि , आमंत्रित अतिथि , शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से प्रो. एस. पी. सिंह (प्राचार्य, सेंट जॉन्स कॉलेज), प्रो. पी. वी. झा, प्रो. पूनम चॉद, प्रो. भूपाल सिंह, प्रो. शशिकांत पांडे, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. रीता निगम, प्रो. एम. एम. खान, प्रो. डी. सी. मिश्रा, प्रो. संध्या यादव, प्रो. ए. के. सिंह, प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. चन्द्रशेखर शर्मा प्रोफेसर विवेक भटनागर प्रोफेसर राजेश जौहरी, प्रोफेसर अमरेश बाबू प्रोफेसर अमित चौधरी, प्रो. दीपक उपाध्याय, प्रो. प्रियम अंकित, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, प्रो. विजय कुमार सिंह डॉ रंजीत सिंह डॉ सुरेंद्र पाल सिंह डॉ दिनेश कुमार सिंह डॉक्टर श्याम गोविंद सिंह डॉ आशीष तेजस्वी, डॉ धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित आगरा कॉलेज के शिक्षक कर्मचारियों सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे।
यह शिक्षक संवाद कार्यक्रम विकसित भारत-2047 के निर्माण में शिक्षा, शिक्षक और युवा शक्ति की भूमिका पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी विमर्श के रूप में संपन्न हुआ।


