तपस्या, विवाह और महामंत्र का संगम, शिवपुराण कथा में छाया शिवमय उत्सव
शिव विवाह महोत्सव में सजी भोलेनाथ की भव्य बारात, पार्वती तप और महामृत्युंजय मंत्र का गूंजा संदेश
पुरुषोत्तम मास में गणेश चतुर्थी उत्सव भी मनाया गया, शिवपुराण कथा में उमड़ी श्रद्धा

आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस बुधवार को भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा में माता पार्वती के कठोर तप, भगवान शिव विवाह प्रसंग और महामृत्युंजय मंत्र के महत्व का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा स्थल पर भगवान शिव की भव्य बारात की झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को शिव विवाह की दिव्यता से भावविभोर कर दिया। साथ ही पुरुषोत्तम मास के अवसर पर वर्ष भर के उत्सवों के क्रम में गणेश चतुर्थी भी श्रद्धा के साथ मनाई गई।
कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने माता पार्वती के तप प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चा प्रेम और संकल्प तप, धैर्य और समर्पण से ही सिद्ध होता है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर संसार को यह संदेश दिया कि दृढ़ निश्चय और श्रद्धा से असंभव भी संभव हो जाता है।
उन्होंने शिव विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान शिव का विवाह केवल एक दिव्य उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में भिन्न स्वभावों के समन्वय और परिवार के संतुलन का संदेश देता है। शिव विरक्ति के प्रतीक हैं और पार्वती शक्ति व गृहस्थ धर्म की आधारशिला। दोनों का मिलन जीवन में प्रेम, संयम और कर्तव्य का आदर्श स्थापित करता है।
कथा स्थल पर भगवान शिव की बारात की आकर्षक झांकी सजाई गई। भूत-प्रेत, गण, देवताओं और शिवगणों के स्वरूपों से सुसज्जित बारात ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंगल गीतों और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु शिव विवाह उत्सव में झूम उठे।

मृदुल कांत शास्त्री ने महामृत्युंजय मंत्र के अर्थ और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंत्र केवल मृत्यु भय को दूर करने वाला नहीं, बल्कि मनुष्य को मानसिक शांति, आरोग्य और आत्मबल प्रदान करने वाला महामंत्र है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और नियमपूर्वक महामृत्युंजय मंत्र का जाप जीवन की बाधाओं को दूर कर आत्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत वर्ष भर के पर्व मनाने की परंपरा में कथा स्थल पर गणेश चतुर्थी उत्सव भी हर्षोल्लास से मनाया गया। भगवान गणेश का पूजन-अर्चन कर मोदक का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने गणपति वंदना कर मंगलकामनाएं कीं।
शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि आगामी दिवसों में भी कथा के साथ विभिन्न धार्मिक उत्सव आयोजित होंगे, जिनमें श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष के पर्वों का पुण्य लाभ एक साथ प्राप्त होगा।
मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने कथा आरंभ से पूर्व व्यास पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। केंद्र राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, एनएन पांडे (डीआईजी शैलेश पांडे के पिता), जीएसटी ग्रेड वन कमिश्नर पंकज गांधी, राम निवास गुप्ता, बाबू लाल अग्रवाल (इंद्रपुरी दरबार), संतोष शर्मा, बीडी अग्रवाल ने विशेष रूप से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, महावीर प्रसाद मंगल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, अमीषा अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, महेश गोयल, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन आदि ने व्यवस्था संभाली।


