1. चैम्बर के संविधान संशोधन हेतु सात सदस्यीय समिति का किया गया गठन।
2. संविधान में संशोधन हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर की गयी चर्चा।

आगरा की प्रचीनतम एवं शीर्ष संस्था नेशनल चैम्बर ऑफ इण्डस्ट्रीज एण्ड कॉमर्स, यू.पी., आगरा 1949 से उद्योग एवं व्यापार के हित संवर्धन में निरंतर कार्यरत है। इससे लगभग 1800 उद्यमी एवं व्यवसायी सदस्य के रूप में जुड़े हुए है। लगभग 25 व्यापारिक एसोसिएशन भी इसके सम्बद्ध सदस्य हैं। चैम्बर की स्थापना के समय से ही चैम्बर के सभी क्रियाकलाप/गतिविधियाँ चैम्बर के संविधान के नियमानुसार कार्य करती आ रही है जिसमें समय-समय पर समय की मांग के अनुसार संविधान में संशोधन भी किये जाते रहे हैैं तथा सदस्यों की हित में नियमों को सरलीकरण व नियमों में पूर्ण स्पष्टता प्रदान किये जाने का भी प्रयास किया जाता रहा है।
विगत वर्षो में चैम्बर के सदस्यों द्वारा चैम्बर के संविधान में कुछ विसंगतिया व नये बदलाब की आवश्यकता महसूस करते हुए चैम्बर के संविधान में संशोधन करने की मांग की गयी जिसके फलस्वरूप चैम्बर के सदस्यों की भावनाओं व मांग को ध्यान में रखते हुए कार्यकारिणी द्वारा इस वर्ष सात सदस्यीय संविधान समिति का गठन किया गया जिसमें संविधान समिति के चेयरमैन पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल को नियुक्त किया गया। कार्यकारिणी द्वारा संविधान समिति के चेयरमैन सीताराम अग्रवाल के नेतृत्व में 1. पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार वार्ष्णेय, को-चेयरमैन, 2. पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार सिंघल, सदस्य, 3. पूर्व अध्यक्ष मुकेश कुमार अग्रवाल, सदस्य, 4. पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, सदस्य 5. सदस्य विवेक जैन, 6. अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, सदस्य बनाये गये।
इसी क्रम में एक संविधान समिति की बैठक आयोजित की गयी जिसमें संविधान समिति के सदस्यों के अतिरिक्त पूर्व अध्यक्ष के0के0 पालीवाल, पूर्व अध्यक्ष अमर मित्तल, पूर्व अध्यक्ष राजीव कुमार अग्रवाल व पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल को विशेष आमंत्री के रूप में बैठक में आमंत्रित किया गया। संविधान संशोधन हेतु बैठक में चैम्बर की प्रवेश शुल्क, चैम्बर में पदाधिकारियों की उपस्थिति की अनिवार्यता, चुनाव संबंधी योग्यताएं, मतदाता सूची को डिजीटल के माध्यम से सदस्यों को प्रेषित किया जाना, नये सदस्यों की संख्या सीमित करना, नये सदस्यों को कुछ समय बाद मताधिकार का प्रयोग करना, व संविधान संशोधन हेतु सदस्यों से प्राप्त पत्रों पर विचार आदि-आदि विषयों पर चर्चा की गयी। संविधान समिति द्वारा चैम्बर के संविधान के प्रत्येक बिन्दुओं को देखते हुए सदस्यों के लिये नियमों का सरल व स्पष्ट बनाने का प्रयास किया जायेगा तथा समिति द्वारा संविधान संशोधन के पश्चात् उसे कार्यकारिणी व उसके बाद आम सभा में पारित करने हेत प्रस्तावित किया जायेगा।


