वाहनों में अवैध रूप से संशोधित साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर का प्रयोग विधि विरुद्ध,मोटर गैराज/वर्कशॉप द्वारा ऐसे उपकरणों की बिक्री एवं स्थापना करना दंडनीय अपराध*

आगरा।मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री एवं स्थापना करने वाले मोटर गैराज / वर्कशॉप आदि युक्त वाहनों से उपन्न ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध मोटरयान अधिनिमय, 1988 की धारा 182ए (3) के अन्तर्गत होगी विधिक कार्यवाही, धारा 182ए (3) के तहत वर्कशॉप / गैराज संचालक पर लगेगा रू0 1,00,000/- (एक लाख रूपये) का जुर्माना*
*वाहन स्वामी को भी मिल सकती है छः माह तक सजा और जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस भी होगा रद्द*
*आलोक कुमार,सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), आगरा ने अभियान चलाकर आमजन को किया जागरूक*
आगरा.8.04.2026.आलोक कुमार,सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), आगरा ने बताया कि परिवहन आयुक्त, उ०प्र० महोदया द्वारा अपने पत्र संख्या 565 इन्फ/2026-62इन्फ/2021 (८) लखनऊ दिनांक 07 अप्रैल, 2026 के क्रम में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री एवं स्थापना करने वाले मोटर गैराज / वर्कशॉप आदि युक्त वाहनों से उपन्न ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध मोटरयान अधिनिमय, 1988 की धारा 182ए (3) के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। धारा 182ए (3) के तहत वर्कशॉप / गैराज संचालक पर रू0 1,00,000/- (एक लाख रूपये) प्रति संघटक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता हैं। इस जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन अयुक्त एवं इनसे उपर के अधिकारियों में निहित हैं।
जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने मोटरयान में अनधिकृत अल्ट्रेशन करते हुए ऐसा परिवर्तन किया जाता है, तो उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (4) के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। 182ए (4) के तहत सम्बन्धित वाहन स्वामी को ऐसी अविध के कारावास से जो छः माह तक की हो सकेगी, अथवा ऐसे प्रत्येक परिवर्तन के लिए पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने से अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता हैं। जो कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में ऐसा मोटर यान चलाएगा, अथवा चलाने देगा जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियत्रंण एवं वायु प्रदूषण के सम्बन्ध में विहित मानकों का उलंघन होता हैं, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अन्र्तगत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। धारा 190 (2) के तहत सम्बन्धित व्यक्ति प्रथम अपराध के लिए तीन माह तक के कारावास अथवा दस हजार रूपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडनीय होगा और तीन माह की अविध के लिए अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) धारण करने हेतु निरर्हित हो जाएगा।
उक्त से स्पष्ट है कि जो वाहन चला रहा है या चलवा रहा है, वह व्यक्ति उक्त जुर्माने का दायी होने के साथ-साथ उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिये अयोग्य (disqualified) कर दिया जायेगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर / ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाए जाते है तथा जिनका चालान किया गया है, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 53 (1) के अन्तर्गत पंजीयन प्रमाण पत्र के निलम्बन की कार्यवाही प्राथमिकता के अधार पर सुनिश्चित की जायेगी।
जनसामान्य को सूचित किया जाता है कि वाहनों में अवैध रूप से संशोधित साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है, जिससे ध्वनि प्रदूषण में वृद्धि हो रही है तथा आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि विधि विरुद्ध भी है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि मोटर गैराज/वर्कशॉप द्वारा ऐसे उपकरणों की बिक्री एवं स्थापना करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (3) के अंतर्गत ऐसे मामलों में सख्त विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
दिनांक 17.04.2026 को जनपद में 04 वर्कशॉप का निरीक्षण कर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे ऐसे अवैध कार्यों से तत्काल विरत रहें तथा नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरूद्ध नियमतः कार्यवाही की जायेगी तथा मोडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करते पाये जाने 03 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी।
आमजन से भी अपील की जाती है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार के मोडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न का प्रयोग न करें, प्रयोग करते पाये जाने पर ऐसे वाहनों के विरूद्ध रू0 10,000/- के चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेसं निलम्बन एवं पंजीयन निलम्बन की कार्यवाही भी की जाएगी।


